नवपत्रिका पूजा 4178 दिनांक व मुहूर्त
4178 मध्ये नवपत्रिका पुजा कधी आहे?
31
ऑक्टोबर, 4178
(शनिवार)
नवपत्रिका पुजा मुहूर्त New Delhi, India
सप्तमी तिथी सुरवात 08:07:55 पासुन. ऑक्टोबर 30, 4178 रोजी
सप्तमी तिथी समाप्ती 09:17:05 पर्यंत. ऑक्टोबर 31, 4178 रोजी
चला जाणून घेऊया 4178 मध्ये नवपत्रिका पूजा केव्हा आहे व नवपत्रिका पूजा 4178 चे दिनांक व मुहूर्त.
महासप्तमी दुर्गा पूजा का पहला दिन होता है। इस दिन नवपत्रिका पूजन करने का विधान होता है। नवपत्रिका को कलाबाऊ पूजा भी कहते हैं। बंगाल, असम और ओडिशा आदि इलाकों में नौ तरह की पत्तियों को मिलाकर दुर्गा पूजा की जाती है।नवपत्रिका पूजा में जो नौ पत्ते उपयोग किये जाते हैं। उनमें हर एक पेड़ का पत्ता देवी के अलग-अलग नौ रूप माने जाते हैं। वे नौ पत्ते हैं, केला, कच्वी, हल्दी, अनार, अशोक, मनका, धान, बिल्वा और जौ हैं।
नवपत्रिका पूजा विधि
1. महासप्तमी की पूजा महास्नान के बाद शुरू होती है, इसे कलाबाऊ स्नान कहते हैं। महासप्तमी पर महास्नान करने से देवी दुर्गा की असीम कृपा होती है।
2. नवपत्रिका पूजन में नौ पत्ति को एक साथ बांधकर स्नान कराया जाता है।
3. महास्नान के पश्चात नवपत्रिका को बंगाल की पारंपरिक सफेद साड़ी जिसमें लाल बॉर्डर होती है, इस पर रखकर सजाया जाता है।
4. महास्नान के बाद प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। इसमें मां दुर्गा की प्रतिमा को पूजा स्थल पर रखा जाता है।
5. प्राण प्रतिष्ठा के बाद षोडशोपचार पूजा की जाती है। इसमें जल, फल, फूल, चंदन आदि चढ़ाकर मां दुर्गा का पूजन किया जाता है। अंत में मां दुर्गा की महाआरती होती है और प्रसाद का वितरण किया जाता है।
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