आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2245

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की तिथियाँ New Delhi, India के लिए

नवरात्रि दिन 1 (प्रतिपदा)

गुरुवार, जून 26, 2245

नवरात्रि दिन 2 (द्वितीया)

शुक्रवार, जून 27, 2245

नवरात्रि दिन 3 (तृतीया)

शनिवार, जून 28, 2245

नवरात्रि दिन 4 (चतुर्थी)

रविवार, जून 29, 2245

नवरात्रि दिन 5 (पंचमी)

सोमवार, जून 30, 2245

नवरात्रि दिन 6 (षष्ठी)

मंगलवार, जुलाई 1, 2245

नवरात्रि दिन 7 (सप्तमी)

बुधवार, जुलाई 2, 2245

नवरात्रि दिन 8 (अष्टमी)

गुरुवार, जुलाई 3, 2245

नवरात्रि दिन 9 (नवमी)

शुक्रवार, जुलाई 4, 2245

नवरात्रि दिन 10 (दशमी)

शनिवार, जुलाई 5, 2245

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि: नवरात्रि हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। बता दें कि मां दुर्गा को शक्ति का रूप माना जाता है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के भक्त व्रत रखते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में चार बार नवरात्रि मनाई जाती है जो पौष, चैत्र, आषाढ़ और अश्विन मास में पड़ती है। आषाढ़ माह में पड़ने वाली नवरात्रि को आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। हर नवरात्रि की तरह ही इस नवरात्रि के दौरान भी मां दुर्गा की पूजा की जाती है लेकिन इसे गुप्त तरीके से किया जाता है। इन दिनों में तंत्र विद्या का विशेष महत्व होता है। इस समय की गई साधना जन्मकुंडली के समस्त दोषों को दूर करने वाली होती है। इस दौरान प्रतिपदा से लेकर नवमी तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि को गायत्री नवरात्रि के रूप में भी जाना जाता है, जो आम तौर पर जून-जुलाई के बीच पड़ती है। यह मुख्य रूप से भारत के उत्तरी राज्यों, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में मनाई जाती है। कई हिंदू इस अवधि को गुप्त नवरात्रि या ‘नौ रातों का रहस्य’ कहते हैं।

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