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हिंदी पंचांग: पञ्चाङ्गम

हिन्दू धर्म और वैदिक ज्योतिष में व्रत, पर्व, त्यौहार, पंचांग और मुहूर्त का विशेष महत्व है। इनके बिना हिन्दू धर्म में किसी उत्सव की कल्पना नहीं की जा सकती है। इस पृष्ठ पर आप पाएंगे विभिन्न त्यौहार, व्रत-उपवास, पंचांग और मुहूर्त आदि की जानकारी। इसके अतिरिक्त मुहूर्त की गणना के लिए चौघाड़िया, होरा, अभिजीत, राहु काल और दो घटी मुहूर्त आदि से संबंधित सूचना भी उपलब्ध होगी।।

दैनिक और मासिक पंचांग में आप पाएंगे वार, तिथि, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-सूर्यास्त व चंद्रोदय-चंद्रास्त से संबंधित जानकारी। वहीं हिन्दू कैलेंडर और भारतीय कैलेंडर की मदद से आपको मिलेगी हर वर्ष में होने वाले तीज, त्यौहार, तिथि और अन्य महत्वपूर्ण पर्वों की सूचना। इस पृष्ठ पर उपलब्ध सामग्री के माध्यम से आप स्वयं भी अपने शहर में विभिन्न त्यौहार और कार्यों के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर की मदद से मुहूर्त व तिथि की गणना कर सकते हैं।

इस पंचांग पृष्ठ के जरिये आप निम्नलिखित जानकारियाँ भी हासिल कर सकते हैं :

1. आज का पंचांग

यहाँ आप आज के पंचांग जिसमें आपको मिलेगा वर्तमान दिन की तिथि, उसका समय, दिन, संवत और नक्षत्र आदि की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा आप आज के योग, सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हमारा ये पंचांग पेज आपको दैनिक पंचांग, मासिक पंचांग, पंचांग 2019, पंचांग 2020, गौरी पंचांगम, भद्रा, आज का कारण और चंद्रोदय कैलकुलेटर के प्रयोग की सुविधा भी प्रदान करता है।

2. त्यौहार

हिन्दू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है और सभी महत्वपूर्ण त्यौहार और शुभ दिन आदि की जानकारी हमें पंचांग के द्वारा ही मिलती है। इसके जरिये आप साल के सभी प्रमुख त्यौहार, उसकी तारीख़, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यहाँ आपको सभी धर्म और समुदाय के प्रमुख त्योहारों के बारे में भी जानकारी मिलती है।

3. कैलेंडर

हिन्दू धर्म में 84 लाख से भी ज्यादा देवी देवता की पूजा की जाती है और इस वजह से यहाँ हर साल विभिन्न प्रकार के त्यौहार भी मनाए जाते हैं जो विशेष रूप से किसी ना किसी देवी देवता से जुड़े होते हैं। हिन्दू कैलेंडर या हिन्दू पंचांग आपको विभिन्न हिन्दू त्योहारों के साथ ही मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म समुदाय के त्योहारों के बारे में भी जानकारी प्रदान करता है। विशेष तौर पर यदि हिन्दू पर्व त्योहारों की बात करें तो यहाँ आपको हर महीने पड़ने वाले विभिन्न त्योहारों के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सकती है। इसके अलावा हम आपको भारत सरकार द्वारा घोषित त्योहारों के बारे में भी जानकारी प्रदान करते हैं।

4. व्रत

त्योहारों के अलावा हिन्दू धर्म में विभिन्न व्रतों का भी ख़ास महत्व है। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रत्येक माह की विभिन्न तिथियाँ विशेष रूप से प्रमुख देवताओं को समर्पित है। यही वजह है कि इन प्रमुख तिथियों पर व्रत या उपवास रखने का प्रचलन है। अपने इस पंचांग में हम आपको हर माह पड़ने वाले विभिन्न व्रतों/ उपवासों के बारे में बता रहे हैं। हिन्दू धर्म के प्रमुख व्रतों में पूर्णिमा व्रत, एकादशी व्रत, प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि व्रत, अमावस्या व्रत, संकष्टी व्रत, सावन सोमवार व्रत और नवरात्री का व्रत रखा जाता है। ये विभिन्न व्रत मुख्य तौर से भगवान विष्णु, गणेश जी, शिव जी और माँ दुर्गा के लिए रखें जाते हैं।

5. मुहूर्त

हिन्दू धर्म को मानने वाले सभी लोग विशेष रूप से किसी भी शुभ काम को करने से पहले शुभ मुहूर्त के बारे में जानकारी लेना महत्वपूर्ण मानते हैं। खासतौर से विवाह, पूजा, हवन आदि के आरंभ के लिए शुभ मुहूर्त की जानकारी अवश्य ली जाती है। इन महत्वपूर्ण क्रियाओं के लिए शुभ मुहूर्त की गणना इसलिए की जाती है क्योंकि शुभ मुहूर्त में किये गए कार्यों में शुभ ग्रहों और शुभ नक्षत्रों का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मुहूर्त भी विभिन्न प्रकार के होते हैं।

1.  अभिजीत मुहूर्त
2.  दो घाटी मुहूर्त
3.  गुरु पुष्य योग
4.  वाहन ख़रीद मुहूर्त
5.  प्रॉपर्टी ख़रीद मुहूर्त
6.  नामकरण मुहुर्त
7.  मुंडन मुहूर्त
8.  चौघड़िया
9.  राहुकाल

6. जन्म कुंडली

वैदिक ज्योतिष में कुंडली को विशेष महत्व दिया गया है। इस आम बोल चाल की भाषा में जन्म पत्रिका भी कहते हैं। किसी भी व्यक्ति की जन्म कुंडली विशेष रूप से उसके जन्म के समय ग्रह नक्षत्रों की गणना कर तैयार की जाती है जो उसके वर्तमान और भविष्य के बारे में बताती है। खासतौर से लोग जन्म कुंडली इसलिए बनवाते हैं ताकि उन्हें अपने जीवन में भविष्य में आने वाली समस्याओं के बारे में पता चल सकें और वक़्त रहते ही वो उसका निवारण कर सके। प्राचीन काल में लोग कुंडली किसी कुशल ज्योतिषाचार्य से बनवाते थे लेकिन आजकल इस आधुनिक काल में आपको कहीं जाने या किसी के भरोसे रहने की कोई जरुरत नहीं है। हमारे फ्री कुंडली ऐप के जरिये आप अब अपने घर बैठे ही अपनी या परिवार के किसी भी सदस्य की जन्म कुंडली यानी जन्म चार्ट निकाल सकते हैं वो भी बिल्कुल मुफ्त। हमारे इस पंचांग पेज पर आपको मुफ्त जन्म कुंडली के बारे में भी जानकारी प्राप्त होती है। इसके लिए आपको सिर्फ अपना नाम, जन्म समय, जन्म तिथि और जन्म स्थान का नाम दर्ज करना होगा। जिसके बाद बस एक क्लिक के साथ ही आपकी कुंडली आपके सामने होगी।

7. कुंडली मिलान

हमारे इस पंचांग पेज पर आपको कुंडली मिलान की सुविधा भी उपलब्ध होती है। हिन्दू धर्म में शादी से पहले लड़का लकड़ी की कुंडली मिलान का चलन काफी लंबे समय से चला आ रहा है। कुंडली मिलान के द्वारा इस बारे में पता लगाया जाता है कि लड़के और लड़की के कितने गुण आपस में मिलते हैं। माना गया है कि भावी वर-वधु के जितने ज्यादा गुण आपस में मिलते हैं उतना ही उनका रिश्ता मजबूत होता है और दोनों की आपस में बनती है। एक सुखी शादीशुदा जिंदगी के लिए होने वाले पति पत्नी के गुणों का मिलान होना बेहद आवश्यक माना गया है। हमारे पंचांग पेज पर मौजूद कुंडली मिलान कैलकुलेटर के जरिये आप मुफ्त में कुंडली मिलान कर सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ लड़के और लड़की का जन्म विवरण दर्ज करना होगा और परिणाम आपके सामने होगा। कुंडली मिलान के लिए मुख्यतः विवाह के लिए 18 से 24 गुणों का मिलना अनिवार्य माना गया है।

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