आषाढ़ अमावस्या 3664

3664 में आषाढ़ अमावस्या कब है?

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अगस्त, 3664 (मंगलवार)

आषाढ़ अमावस्या मुहूर्त New Delhi, India के लिए

अगस्त 4, 3664 को 16:56:25 से अमावस्या आरम्भ

अगस्त 5, 3664 को 13:09:52 पर अमावस्या समाप्त

धार्मिक दृष्टि से अमावस्या की तिथि का बहुत महत्व है। क्योंकि यह दिन दान-पुण्य और पितरों की शांति के लिए किये जाने वाले तर्पण के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है। आषाढ़ मास की अमावस्या को भी खास माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार का आषाढ़ माह हिंदू वर्ष का चौथा महीना होता है। इस दिन पवित्र नदियों, धार्मिक तीर्थ स्थलों पर स्नान करने का विशेष महत्व है।

आषाढ़ अमावस्या व्रत एवं धार्मिक कर्म

हर अमावस्या की भांति आषाढ़ अमावस्या पर भी पितरों के तर्पण का भी विशेष महत्व है। इस दिन किये जाने वाले धार्मिक कर्मकांड इस प्रकार हैं-

●  इस दिन नदी, जलाशय या कुंड आदि में स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद पितरों का तर्पण करें।
●  पितरों की आत्मा की शांति के लिए उपवास करें और किसी गरीब व्यक्ति को दान-दक्षिणा दें।
●  अमावस्या के दिन शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसो के तेल का दीपक लगाएं और अपने पितरों को स्मरण करें। पीपल की सात परिक्रमा लगाएं।


आषाढ़ अमावस्या का महत्व

हिन्दू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास हिंदू वर्ष का चौथा महीना होता है। इस महीने की समाप्ति के बाद वर्षा ऋतु प्रारंभ होती है। आषाढ़ अमावस्या दान-पुण्य व पितरों की आत्मा की शांति के लिये किये जाने वाले धार्मिक कर्मों के लिए विशेष फलदायी मानी गई है। इस दिन पवित्र नदी और तीर्थ स्थलों पर स्नान का कई गुना फल मिलता है। धार्मिक रूप से अमावस्या तिथि का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या तो शनिवार के दिन आने वाली अमावस्या शनि अमावस्या कहलाती है।

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